समाज और ज्ञान के चक्कर में,
मै भी औरो की तरह भटक रहा था l
भटकते हुवे राह मै मुझे गुरु मिल गए
और उन्होंने मेरे हाथ में सत्य साधना का दीपक दे दिया
और कहा की इसे अब अपने पास रख l
और अब सत्य साधना के दीपक के प्रकाश से मुझे
सही अपनी मंजिल की राह मिल गई............
अब राह भटकना कैसा ............
nice
ReplyDeleteThank's.................:)
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